Government Jobs Result

Jobs & Results

Supreme Court in Hindi – उच्चतम न्यायलय

उच्चतम न्यायलय

 

ये Article 124 – 147 के तहत आता है
Article 124 (1 ) में लिखा है की भारत का एक सर्वोच्च न्यायलय होगा जिसमे मुख्य न्यायाधीश होगा
मूल संविधान – मुख्य न्यायाधीश + न्यायाधीश ( 1 + 30 ) वर्तमान में इतने है
संसद समय समय पर न्यायधिशो की संख्या में परिवर्तन कर सकती है लेकिन 8 से कम नहीं कर सकती जो मूल संविधान में लिखित है

Supreme Court Hindi – सुप्रीम कोर्ट

Article 124 और 143 के तहत आता है
इसके सदस्य होने के लिए योग्यताएँ
भारत का नागरिक होना चाहिए
किसी उच्च न्यायलय में पांच वर्ष न्यायाधीश रहा हो
किसी भी उच्च न्यायलय में लगातार दस वर्षो तक वकील रहा हो
राष्ट्रपति की नजर में कानून का अच्छा ज्ञान हो

सुप्रीम कोर्ट के सदस्य की नियुक्ति

राष्ट्रपति , उच्चतम न्यायलय के मुख्य न्यायाधीश और अन्य वरिष्ठ न्यायाधीशों के परामर्श से करता है
शपथ – सर्वोच्च न्यायालयों के न्यायधिशो को राष्ट्रपति शपथ दिलवाता है
इसका कार्यकाल – 5 वर्ष का होता है या फिर अधिकतम 65 साल की आयु

कदाचार के मामले में न्यायधिशो को उसके पद से हटाया जा सकता है लेकिन उसके लिए लोकसभा के 100 सदस्य और राज्य सभा के 50 सदस्यों को मिलाकर हस्ताक्षर होने चाहिए प्रस्ताव पर
एक समिति गठित की जाती है जिसमे सुप्रीम कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश का अन्य न्यायाधीश या किसी उच्च न्यायलय का मुख्य न्यायाधीश ये समिति बनाकर जाँच करके रिपोर्ट सौपेगी संविधान के उलंघन पर और अगर कदाचार का मामला सही पाया जाये तो लोकसभा में 2 /3 बहुमत से पास किया जाना चाहिए उसके बाद भी राज्यसभा में 2 /3 बहुमत से पास किया जाना चाहिए फिर ये मामला राष्ट्रतपति के पास जाता है और फिर राष्ट्रपति न्यायधीश को पद से हटा देता है

Supreme Court Powers – सर्वोच्च न्यायलय की शक्तिया

प्रारंभिक क्षेत्राधिकार
RITS जारी करने का अधिकार होता है
अपिलिय अधिकार

प्रारंभिक क्षेत्राधिकार – सीधा संवाद सुप्रीम कोर्ट में शुरू होता है
केंद्र और एक राज्य या एक से अधिक राज्य के बिच में विवाद हो
दो राज्यों के बीच में विवाद हो
राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के निर्वाचन सम्बन्धी विवाद ये Article (131 के तहत आता है)
Article 132 के तहत नागरिको के मूल अधिकारों पर पांच तरह की RITS जारी करने का अधिकार होता है ये 5 तरह की

RITS इस प्रकार है

बंदी प्रत्य्क्षीकरण
अधिकार परेच्छा
परमादेश
उत्प्रेषण
प्रतिषेध

अपिलिय अधिकार – ऐसे संवाद जिनकी शुरुआत अधीनस्थ न्यायलयों से होती है लेकिन अपील करके सुप्रीम कोर्ट में लाये जाते है आपराधिक मामले , दीवानी मामले , विधि के सारवान प्रश्न से सम्बंधित मामले (संविधान के अध्ययन से सम्बंधित)

अभिलेख न्यायलय की शक्तिया

सुप्रीम कोर्ट को अपने दिए गए निर्णयों को संभाल कर रखने का अधिकार प्राप्त है जिनकी मदद आगे चलकर विवाद के निपटारे में ली जा सके
सुप्रीम कोर्ट को अपने उलंघन पर किसी को भी सजा देने का अधिकार है
Article 143 के तहत सुप्रीम कोर्ट को राष्ट्रपति के क़ानूनी सलाह मांगने पर सलाह देने का अधिकार प्राप्त है लेकिन राष्ट्रपति सलाह मानने के लिए बाध्य नहीं है
Article 13 के तहत सुप्रीम कोर्ट को न्यायिक पुनर्विलोकन करने का अधीकार प्राप्त है यानि संसद द्वारा बनाये गए कानून की जाँच करना कही यह संविधान का उलंघन तो नहीं कर रहा अगर ऐसा पाया जाता है तो सुप्रीम कोर्ट उस कानून को निरस्त कर सकता है

Updated: November 1, 2019 — 7:51 pm

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Government Jobs Result © 2019 Government Jobs  Result
error: Content is protected !!